HomeChild Development And Pedagogyप्रतिभाशाली बालक किसे कहते हैं? | Pratibhashali Balak

प्रतिभाशाली बालक किसे कहते हैं? | Pratibhashali Balak

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार ऐसे बालक जिनकी बुद्धि – लब्द्धि 120 से अधिक होती है। वे प्रतिभाशाली बालक कहलाते हैं। ऐसे बालकों की बुद्धि सामान्य बालकों से अधिक होती है।

प्रतिभाशाली बालकों की विशेषताएँ  

प्रतिभाशाली बालकों और बालिकाओं की विशेषताओं का अध्ययन अलग – अलग मनोवैज्ञानिकों ने निम्न प्रकार से किया है –

मनोवैज्ञानिक विटी के अनुसार,

  • प्रतिभाशाली बालकों को खेलों से अधिक लगाव होता है।
  • ये बालक 90 % अनुशासन मानते हैं
  • ये बालक 58 % मित्र बनाने की इच्छा रखते हैं जबकि 25 % बालक न मित्र खोजते हैं और न टालते हैं।
  • ये बालक धैर्यशील होते हैं और इनमे संवेगात्मक स्थिरता अधिक होती है।
  • ये बालक दूसरों का सम्मान करते हैं।

मनोवैज्ञानिक टरमैन के अनुसार, 

  • इनका शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है।
  • प्रतिभावान बालिका के दांत बालक से पहले निकलते हैं और वे पहले बोलना और चलना सीख लेती है।
  • बालिकाएँ स्कूल जाने से पहले लिखना -पढ़ना सीख लेती हैं।
  • प्रतिभाशाली बालक साहसी जीवन और बालिका घरेलू जीवन पसन्द करती हैं।

स्किनर और हैरीमन, हालिंगवर्थ आदि मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, 

  • प्रतिभाशाली बालकों में किशोरावस्था के लक्षण शीघ्र उत्पन्न हो जाते हैं।
  • ये बालक अच्छे परिवार एवं समाज मे पले – बड़े होते हैं।
  • ये बालक पढ़ने लिखने में अधिक रूचि लेते हैं तथा इनका शब्द – भण्डार अधिक होता है।
  • ये अमूर्ति एवं कठिन विषयों में अधिक रूचि लेते हैं।
  • ये समस्याओं का समाधान जल्दी कर लेते हैं।
  • स्कूल व गृहकार्य को थोड़े समय में पूरा कर लेते हैं।

प्रतिभाशाली बालक और बालिका में अंतर  

  • प्रतिभाशाली बालक गणित और विज्ञान जैसे विषयों में तेज होते हैं तथा बालिकाएँ कला, संगीत तथा नाटक आदि विषयों में अधिक कुशल होती हैं।
  • बालिकाएँ संवेगात्मक पुस्तकें, कहानियाँ, तथा बालक वीरता और साहसपूर्ण कहानियाँ अधिक पसन्द करती हैं।
  • बालिकाएँ बालकों की अपेक्षा स्कूल में कम अनुपस्थित होती हैं।
  • बालिका जल्दी चलना – बोलना सीख लेती है।
  • 11 वर्ष की बालिका की भाषा – शक्ति इस आयु के बालक से अधिक होती है।
  • बालक साहसपूर्ण और रहस्यपूर्ण जीवन पसन्द करते हैं। जबकि बालिकाएँ घर का वातावरण अधिक पसन्द करती हैं।

प्रतिभाशाली बालकों की शिक्षा 

  • प्रतिभाशाली बालकों और बालिकाओं को शिक्षा देने के लिए मनोवैज्ञानिकों तथा शिक्षाशास्त्रियों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं –
  • कक्षा में प्रतिभाशाली बालकों का चुनाव करना।
  • विशेष कक्षाओं का प्रबन्ध करना।
  • सामान्य बालकों से मिलने का अवसर प्रदान करना।
  • विशेष एवं विस्तृत पाठ्यक्रम का होना।
  • शिक्षण पद्धति के द्वारा शिक्षा प्रदान करना।
  • शिक्षक का व्यक्तिगत ध्यान देना।
  • योग्य अध्यापकों से सम्पर्क रखना।
  • पाठान्तर क्रियाओं का आयोजन।
  • वाचनालय तथा पुस्तकालय की सुविधा।
  • कक्षोंन्नति में शीघ्रता।
  • छात्रवृत्ति प्रदान करना।
  • संस्कृति की शिक्षा देना।

सम्पूर्ण—–bal vikas and pedagogy—–पढ़ें

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Latest Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here